अगर लोग आपको seriously नहीं लेते, तो अपनी personality में ये बदलाव लाइए…
1.सबसे पहले—शांत रहना सीखिए।
हर बात का जवाब तुरंत देना जरूरी नहीं होता। याद रखिए, असली power कई बार खामोशी में होती है।
हर बात हर किसी को बताना बंद कर दीजिए। थोड़ा mystery रखिए, थोड़ा suspense रखिए… लोगों को आपके बारे में सब कुछ पता होना जरूरी नहीं है।
2. बदतमीजी पर तुरंत full stop लगाइए।
चाहे सामने वाला कितना भी करीबी क्यों न हो, आपकी respect की सीमा तय होनी चाहिए। पहली बार गलती हो सकती है, लेकिन बार-बार की बदतमीजी को सहना आपकी मजबूरी नहीं होनी चाहिए।
3.लोगों को please करना बंद कीजिए।
हर किसी को खुश करने की कोशिश करेंगे, तो लोग आपकी अच्छाई को आपकी कमजोरी समझने लगेंगे।
हर समय उनके पीछे भागने के बजाय अपनी जिंदगी पर focus कीजिए।
4. बहुत ज्यादा सीधे और जरूरत से ज्यादा available मत बनिए।
अच्छा इंसान बनिए, लेकिन अपनी boundaries के साथ। नरमी अच्छी है, लेकिन इतनी भी नहीं कि कोई आपको कुचलकर आगे बढ़ जाए।
5. बार-बार सफाई देना बंद कीजिए।
आपने अपनी बात एक बार साफ कह दी—बस।
जो समझना चाहता है, वह समझ जाएगा।
और जो जानबूझकर गलत समझना चाहता है, उसे सौ सफाइयां भी संतुष्ट नहीं कर सकतीं।
6.अपनी boundaries तय कीजिए।
कौन आपसे कैसे बात करेगा, आपके साथ कितना करीब आएगा और आपकी जिंदगी में उसकी कितनी जगह होगी—ये फैसला आपको करना है।
7. अकेलेपन से डरना बंद कीजिए।
हर समय किसी के साथ रहने की जरूरत नहीं है। कभी-कभी अकेलापन आपको खुद को समझने, मजबूत बनने और अपने लक्ष्य पर ध्यान देने की ताकत देता है।
8.हर बात पर “हाँ” कहना बंद कीजिए।
जहां जरूरी हो, वहां सम्मान से “नहीं” कहना सीखिए।
क्योंकि जो व्यक्ति हर बात पर हाँ कहता है, लोग अक्सर उसकी सहमति को उसकी कमजोरी समझने लगते हैं।
9. और सबसे जरूरी—
Negative लोगों से दूरी बनाइए।
जो लोग आपकी energy गिराते हैं, आपके सपनों का मजाक उड़ाते हैं या आपको आगे बढ़ने से रोकते हैं, उनसे दूरी रखना गलत नहीं है।
10.अपनी energy बचाइए।
अपने लक्ष्य पर ध्यान दीजिए।
छोटे लोगों की बातों में उलझने के बजाय बड़े सपने देखिए।
क्योंकि जब आप खुद को बदलना शुरू करते हैं,
तो धीरे-धीरे लोगों का आपके प्रति नजरिया भी बदलने लगता है।
Respect मांगने से नहीं, अपने व्यवहार और अपनी boundaries से बनाई जाती है।
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